बेचारा नाइट रिपोर्टर अपनी
रात की नींद खराब करके एक लड़की की संदिग्ध मौत के मामले में स्टोरी कवर करने गया।
लड़की की मौत की स्टोरी असाइनमेंट पर पहुंच गई..जिस तरह से स्टोरी असाइनमेंट टेबल
पर आई..उसी रूप में वो आऊटपुट को खबर के रूप में ढालने के लिए मेल कर दी गई..रिपोर्टर
आया..बताया 12 साल की लड़की की संदिग्ध हालत में मौत का मामला है..प्रोड्यूसर ने
जानना चाहा कि लड़की मलाईदार तबके से ताल्लुक रखती है या गरीब या कहें लो प्रोफाइल
है..रिपोर्टर ने फोन घुमाया, पता लगाया..लड़की मजदूर की बेटी थी..पिछले एक महीने
से अपने भाई के साथ प्रह्लादपुर में रह रही थी..प्रोड्यूसर को बताया..जवाब
आया..छोड़ो..लो प्रोफाइल है..लोगों की लाशों पर खबरों का ये लो और हाईप्रोफाइल
होना पत्रकारिता की हाईप्रोफाइल कहानी बयां करता है..
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