
फ्रांस के राष्ट्रपति का दौरा इस बार अविस्मरणीय बन गया है अव्वल तो उनके साथ उनकी पत्नी और पूर्व मॉडल कार्ला ब्रूनी भारत आई है और दूसरी कि भारतीय मीडिया अब उन्हें मुगल शासक अकबर की उपाधि से नवाजने लगा है क्योंकि फतेहपुर सीकरी पर अकबर ने भी संतान की दुआ की थी और उसकी वो दुआ पूरी भी हुई थी कुछ ऐसा ही फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने किया। वो भी अपनी पत्नी के साथ पहुँच गए फतेहपुर सीकरी। बेटे की दुआ मांगने। साथ ही ब्रूनी ने अपने बड़े बेटे की सलामती की दुआ भी मांगी। दरअसल देखा जाए तो इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति एक राष्ट्राध्यक्ष कम एक याचक ज्यादा लग रहे थे। कयास लगाए जा रहे कि भारत के बड़े बाजार को देखकर जो पहल अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने की थी उसकी तरफ फ्रांस भी बढ रहा है। सरकोजी की भारत यात्रा को उसी कड़ी में रखकर देखा जा रहा है। वो अपने देश की तकनीक बेचकर भारत से खूब सारा पैसा बटोर लेना चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए सरकोजी ने भारत का समर्थन भी किया उसके साथ पाकिस्तान को आतंक पर लगाम लगाने की नसीहत भी दी। सरकोजी को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए कि उनके अपने देश फ्रांस में सिखों के साथ जो अन्याय हो रहा है वो असहनीय है। भारत की जनसंख्या में एक बहुत बडा तबका सिख संप्रदाय से संबंध रखता है इसके साथ ही सरकोजी जिस प्रधानमंत्री से हाथ मिलाएंगे वो खुद भी सिख है, इसलिए सिखों के हितों को नजरअंदाज करके भारत से दोस्ती का हाथ बढाना देश में रहने वाले सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ है। हमे उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सिखों के विषय पर सरकोजी से बात जरुर करेंगे। कूटनीतिक स्तर पर इस विषय पर बात करना निश्चित तौर पर फ्रांस के सिखों के लिए एक अच्छा संदेश होगा। आने वाले समय में अगर फ्रांस में सिखों के हालात कुछ सुधरते हैं तो, फ्रांस के राष्ट्रपति का ये भारत दौरा सफल माना जाएगा।
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